आजीविका उन्नति / स्वयं सहायता समूह (SHG)

 

💼 आजीविका उन्नयन

महिला और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना समिति की एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। स्वरोजगार प्रशिक्षण, लघु उद्योग और रोजगार संबंधी पहल के माध्यम से समिति लोगों को आत्मनिर्भर बनाती है।




स्वयं सहायता समूह (SHG)

गठन, संचालन एवं प्रबंधन हेतु बायलॉज / नियमावली

मार्गदर्शक संस्था: शुभ मुस्कान शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति, लामता, जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश

संस्था का पंजीयन क्रमांक: 04/21/01/20734/19
पंजीयन दिनांक: 28/06/2019


भाग–1 : समूह का परिचय एवं गठन

नियम 1. समूह का नाम

इस समूह का नाम “________________________________ महिला स्वयं सहायता समूह” होगा। आगे इस नियमावली में इसे “समूह” कहा जाएगा।

नियम 2. समूह का कार्यालय

समूह का मुख्य कार्यालय निम्नलिखित पते पर रहेगा:

  • ग्राम: __________________________

  • ग्राम पंचायत: __________________________

  • तहसील: लामता

  • जिला: बालाघाट

  • राज्य: मध्य प्रदेश

  • पिन कोड: __________________________

समूह की बैठक आवश्यकतानुसार किसी सदस्य के निवास स्थान अथवा समूह द्वारा निर्धारित अन्य उपयुक्त स्थान पर आयोजित की जा सकेगी।

नियम 3. समूह का गठन

  1. समूह का गठन महिलाओं को संगठित करके बचत, आर्थिक सहयोग, स्वरोजगार एवं सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जाएगा।

  2. समूह का गठन स्वैच्छिक सहमति से किया जाएगा।

  3. समूह के सभी सदस्य इस नियमावली का पालन करने के लिए सहमत होंगे।

  4. समूह की स्थापना के समय एक प्रारंभिक बैठक आयोजित की जाएगी।

  5. प्रारंभिक बैठक में समूह का नाम, सदस्य संख्या, पदाधिकारी, बचत राशि, बैठक की अवधि तथा अन्य आवश्यक विषयों पर निर्णय लिया जाएगा।

  6. गठन संबंधी सभी निर्णय बैठक कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज किए जाएंगे।

नियम 4. समूह की प्रकृति

यह एक महिला स्वयं सहायता समूह होगा, जो सामूहिक सहभागिता, नियमित बचत, आपसी सहयोग, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता एवं लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया के आधार पर कार्य करेगा।

समूह का संचालन लागू कानूनों, बैंकिंग नियमों तथा संबंधित सरकारी योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।

नियम 5. समूह के उद्देश्य

समूह के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित होंगे:

  1. महिलाओं में नियमित बचत की आदत विकसित करना।

  2. महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना।

  3. आवश्यकता पड़ने पर सदस्यों को आंतरिक ऋण उपलब्ध कराना।

  4. स्वरोजगार, लघु उद्योग एवं घरेलू व्यवसाय को बढ़ावा देना।

  5. महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान की जानकारी देना।

  6. सिलाई, कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण, सैनिटरी पैड निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, पशुपालन एवं कृषि आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करना।

  7. महिलाओं को कौशल विकास एवं रोजगार संबंधी अवसरों से जोड़ना।

  8. महिला शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना।

  9. सरकारी योजनाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराना।

  10. महिलाओं में नेतृत्व क्षमता एवं निर्णय लेने की योग्यता विकसित करना।

  11. सामाजिक जागरूकता एवं सामुदायिक विकास में योगदान देना।

  12. समूह की आर्थिक स्थिति मजबूत करके सदस्यों के जीवन स्तर में सुधार करना।


भाग–2 : सदस्यता संबंधी नियम

नियम 6. सदस्य बनने की पात्रता

  1. समूह में सामान्यतः 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएँ सदस्य बन सकती हैं।

  2. सदस्य समूह के उद्देश्यों एवं नियमों को स्वीकार करती हो।

  3. सदस्य नियमित बचत, बैठकों तथा समूह की गतिविधियों में भाग लेने के लिए सहमत हो।

  4. सदस्यता संबंधित सरकारी योजना एवं बैंक के लागू मानकों के अनुरूप होगी।

  5. सदस्यता स्वैच्छिक होगी और किसी महिला को अनुचित दबाव में सदस्य नहीं बनाया जाएगा।

नियम 7. सदस्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया

  1. इच्छुक महिला सदस्यता के लिए आवेदन प्रस्तुत करेगी।

  2. समूह की बैठक में आवेदन पर विचार किया जाएगा।

  3. समूह द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सदस्यता स्वीकृत की जाएगी।

  4. सदस्य का नाम सदस्यता रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।

  5. सदस्य को समूह की नियमावली से अवगत कराया जाएगा।

  6. प्रवेश शुल्क, यदि निर्धारित हो, तो उसका विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।

नियम 8. सदस्यों के अधिकार

प्रत्येक सदस्य को निम्नलिखित अधिकार प्राप्त होंगे:

  1. समूह की बैठकों में भाग लेना।

  2. समूह के निर्णयों में अपनी राय प्रस्तुत करना।

  3. निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मतदान करना।

  4. समूह के आय-व्यय एवं वित्तीय स्थिति की जानकारी प्राप्त करना।

  5. नियमानुसार आंतरिक ऋण हेतु आवेदन करना।

  6. समूह के पदाधिकारियों के चुनाव में भाग लेना।

  7. समूह की कार्यप्रणाली के संबंध में सुझाव देना।

  8. किसी अनियमितता के संबंध में शिकायत प्रस्तुत करना।

नियम 9. सदस्यों के कर्तव्य

प्रत्येक सदस्य का कर्तव्य होगा कि वह:

  1. निर्धारित बचत राशि समय पर जमा करे।

  2. नियमित बैठकों में उपस्थित रहे।

  3. समूह की नियमावली का पालन करे।

  4. लिए गए ऋण की किस्तें समय पर जमा करे।

  5. समूह की राशि एवं संपत्ति की सुरक्षा में सहयोग करे।

  6. गलत जानकारी, धोखाधड़ी अथवा अभिलेखों में हेरफेर न करे।

  7. समूह के नाम पर बिना अनुमति ऋण या वित्तीय दायित्व स्वीकार न करे।

  8. समूह की गतिविधियों में सहयोग एवं पारदर्शिता बनाए रखे।

नियम 10. सदस्यता समाप्ति

सदस्यता निम्नलिखित परिस्थितियों में समाप्त की जा सकती है:

  1. सदस्य द्वारा स्वेच्छा से त्यागपत्र देना।

  2. सदस्य की मृत्यु होना।

  3. गंभीर अनुशासनहीनता करना।

  4. समूह की राशि का दुरुपयोग करना।

  5. समूह के वित्तीय अभिलेखों में जानबूझकर हेरफेर करना।

  6. लगातार नियमों का उल्लंघन करना।

सदस्यता समाप्त करने से पहले संबंधित सदस्य को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया जाएगा। उसकी बचत, बकाया ऋण एवं अन्य वित्तीय दायित्वों का निपटारा अभिलेखों तथा लागू नियमों के अनुसार किया जाएगा।


भाग–3 : पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी

नियम 11. पदाधिकारियों का चयन

समूह के संचालन के लिए निम्नलिखित पदाधिकारी चुने जाएंगे:

  1. अध्यक्ष – 1

  2. सचिव – 1

  3. कोषाध्यक्ष – 1

आवश्यकतानुसार उपाध्यक्ष अथवा अन्य सहायक पद भी बनाए जा सकते हैं।

पदाधिकारियों का चयन सर्वसम्मति अथवा समूह द्वारा निर्धारित निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया से किया जाएगा।

नियम 12. अध्यक्ष के अधिकार एवं कर्तव्य

अध्यक्ष के प्रमुख कार्य होंगे:

  1. समूह की बैठकों की अध्यक्षता करना।

  2. बैठक के विषय निर्धारित करने में सहयोग करना।

  3. समूह के निर्णयों को लागू कराने में मार्गदर्शन देना।

  4. समूह के हितों की रक्षा करना।

  5. अधिकृत होने पर बैंक, पंचायत, सरकारी विभाग एवं अन्य संस्थाओं के समक्ष समूह का प्रतिनिधित्व करना।

  6. वित्तीय पारदर्शिता एवं अनुशासन बनाए रखने में सहयोग करना।

  7. समूह की गतिविधियों की समय-समय पर समीक्षा करना।

नियम 13. सचिव के अधिकार एवं कर्तव्य

सचिव के प्रमुख कार्य होंगे:

  1. बैठकों की सूचना सदस्यों तक पहुँचाना।

  2. बैठक की कार्यवाही लिखना।

  3. उपस्थिति रजिस्टर का रखरखाव करना।

  4. समूह के प्रस्तावों एवं निर्णयों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना।

  5. सदस्यता रजिस्टर एवं अन्य दस्तावेजों का रखरखाव करना।

  6. समूह की गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार करना।

  7. संबंधित संस्था अथवा विभाग से अधिकृत पत्राचार करना।

  8. आवश्यक दस्तावेजों को सदस्यों के निरीक्षण हेतु उपलब्ध कराना।

नियम 14. कोषाध्यक्ष के अधिकार एवं कर्तव्य

कोषाध्यक्ष के प्रमुख कार्य होंगे:

  1. सदस्यों से बचत राशि प्राप्त करना।

  2. प्रत्येक जमा राशि की रसीद अथवा लिखित प्रविष्टि देना।

  3. नकद बही एवं बचत रजिस्टर का रखरखाव करना।

  4. ऋण वितरण एवं पुनर्भुगतान का रिकॉर्ड रखना।

  5. आय-व्यय का विवरण तैयार करना।

  6. बैंक पासबुक एवं वित्तीय दस्तावेज सुरक्षित रखना।

  7. प्रत्येक बैठक में समूह की वित्तीय स्थिति प्रस्तुत करना।

  8. समूह की राशि का अनधिकृत उपयोग रोकने में सहयोग करना।

नियम 15. पदाधिकारियों का कार्यकाल

पदाधिकारियों का सामान्य कार्यकाल दो वर्ष होगा। सदस्यों की सहमति से उन्हें पुनः चुना जा सकता है।

किसी पदाधिकारी द्वारा त्यागपत्र देने, पद छोड़ने अथवा अपने कर्तव्यों का पालन न करने की स्थिति में समूह की बैठक में नया पदाधिकारी चुना जा सकेगा।


भाग–4 : बैठक एवं निर्णय प्रक्रिया

नियम 16. नियमित बैठक

  1. समूह की बैठक सामान्यतः प्रत्येक सप्ताह अथवा प्रत्येक माह कम से कम एक बार होगी।

  2. बैठक की तिथि, समय एवं स्थान समूह द्वारा निर्धारित किया जाएगा।

  3. प्रत्येक बैठक में उपस्थिति रजिस्टर रखा जाएगा।

  4. बचत, ऋण, आय-व्यय एवं व्यवसाय संबंधी विषयों पर चर्चा की जाएगी।

  5. बैठक में लिए गए निर्णय लिखित रूप में दर्ज किए जाएंगे।

नियम 17. विशेष बैठक

आवश्यकता पड़ने पर अध्यक्ष, सचिव अथवा कम से कम एक-तिहाई सदस्य विशेष बैठक बुलाने का अनुरोध कर सकते हैं।

नियम 18. गणपूर्ति

सामान्य बैठक के लिए कुल सदस्यों के कम से कम आधे सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक होगी। यदि पर्याप्त सदस्य उपस्थित न हों, तो बैठक की नई तिथि निर्धारित की जा सकेगी।

नियम 19. निर्णय लेने की प्रक्रिया

  1. निर्णय सर्वसम्मति से लेने का प्रयास किया जाएगा।

  2. सर्वसम्मति नहीं होने पर उपस्थित पात्र सदस्यों के साधारण बहुमत से निर्णय लिया जा सकेगा।

  3. प्रत्येक पात्र सदस्य को एक मत प्राप्त होगा।

  4. महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय बैठक कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज किए जाएंगे।

  5. ₹10,000 से अधिक की निकासी के संबंध में नियम 29 का विशेष पालन किया जाएगा।


भाग–5 : बचत एवं समूह कोष

नियम 20. नियमित बचत

  1. प्रत्येक सदस्य की बचत राशि समूह की बैठक में निर्धारित की जाएगी।

  2. बचत साप्ताहिक, पाक्षिक अथवा मासिक आधार पर जमा की जा सकेगी।

  3. प्रत्येक सदस्य की जमा राशि का व्यक्तिगत रिकॉर्ड रखा जाएगा।

  4. जमा राशि की रसीद अथवा लिखित प्रविष्टि दी जाएगी।

  5. बचत राशि का उपयोग केवल समूह के स्वीकृत उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

नियम 21. प्रवेश शुल्क एवं अन्य योगदान

समूह आवश्यकता के अनुसार प्रवेश शुल्क अथवा अन्य योगदान निर्धारित कर सकता है। इसकी राशि एवं उपयोग बैठक में स्वीकृत किया जाएगा।

बिना स्वीकृत नियम के किसी सदस्य से मनमानी राशि नहीं ली जाएगी।

नियम 22. समूह कोष का उपयोग

समूह कोष का उपयोग निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए किया जा सकेगा:

  1. सदस्यों को आंतरिक ऋण उपलब्ध कराना।

  2. समूह के स्वीकृत व्यवसाय एवं आजीविका गतिविधियाँ संचालित करना।

  3. प्रशिक्षण एवं बैठक संबंधी खर्च करना।

  4. आवश्यक उपकरण एवं सामग्री खरीदना।

  5. समूह के अन्य स्वीकृत वैध कार्यों पर खर्च करना।

समूह की राशि का व्यक्तिगत अथवा अनधिकृत उपयोग प्रतिबंधित होगा।


भाग–6 : बैंक खाता एवं राशि निकासी संबंधी नियम

नियम 23. बैंक खाता खोलना

  1. समूह के नाम से बैंक खाता खोला जा सकेगा।

  2. बैंक खाता खोलने के लिए समूह की बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

  3. खाता खोलने के लिए संबंधित बैंक की KYC एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी की जाएंगी।

  4. अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष में से बैंक द्वारा स्वीकृत अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता निर्धारित किए जाएंगे।

  5. बैंक खाते का संचालन बैंक द्वारा स्वीकृत हस्ताक्षर एवं प्रमाणीकरण व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।

नियम 24. वित्तीय पारदर्शिता

  1. प्रत्येक जमा एवं निकासी का रिकॉर्ड रखा जाएगा।

  2. बैंक पासबुक का नियमित मिलान किया जाएगा।

  3. प्रत्येक बैठक में आवश्यकतानुसार वित्तीय स्थिति प्रस्तुत की जाएगी।

  4. समूह के सदस्यों को वित्तीय अभिलेखों की जानकारी प्राप्त करने का अधिकार होगा।

  5. सभी बिल, रसीद, भुगतान प्रमाण एवं बैंक संबंधी दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएंगे।

नियम 25. वित्तीय वर्ष एवं लेखा परीक्षण

समूह का वित्तीय वर्ष सामान्यतः 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होगा, जब तक संबंधित योजना अथवा प्राधिकारी के नियम अन्यथा निर्धारित न करें।

समूह प्रतिवर्ष आय-व्यय का विवरण तैयार करेगा। आवश्यकता पड़ने पर समूह की बैठक में लेखा परीक्षण कराया जा सकेगा।

नियम 26. राशि निकासी का सामान्य नियम

  1. बैंक खाते से राशि निकालने से पहले समूह के स्वीकृत उद्देश्यों एवं आवश्यकताओं पर विचार किया जाएगा।

  2. राशि निकासी का उद्देश्य बैठक कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, जहाँ लागू हो।

  3. राशि की निकासी बैंक के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं एवं बैंक की प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

  4. निकाली गई राशि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाएगा, जिसके लिए उसे स्वीकृत किया गया है।

  5. प्रत्येक निकासी की पर्ची, भुगतान प्रमाण एवं संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएंगे।

नियम 27. ₹10,000 तक की राशि की निकासी

  1. ₹10,000 तक की राशि की निकासी समूह के स्वीकृत वित्तीय नियमों के अनुसार की जा सकेगी।

  2. निकासी का उद्देश्य उचित एवं समूह के हित में होना चाहिए।

  3. आवश्यकतानुसार बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा तथा उसका विवरण कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।

  4. बैंक खाते के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं एवं बैंक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा।

नियम 28. ₹10,000 से अधिक की राशि की निकासी पर पूर्व लिखित स्वीकृति

समूह के वित्तीय संसाधनों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित विशेष प्रावधान लागू होंगे:

  1. समूह के बैंक खाते से ₹10,000 (दस हजार रुपये) से अधिक की किसी एकल निकासी अथवा भुगतान के लिए शुभ मुस्कान शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति, लामता, जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश की पूर्व लिखित स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

  2. राशि निकासी से पहले समूह की बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। प्रस्ताव में निकासी की राशि, उद्देश्य, खर्च का विवरण एवं भुगतान का औचित्य स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा।

  3. समूह के अध्यक्ष एवं सचिव द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव की प्रति तथा आवश्यक दस्तावेज समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।

  4. समिति प्रस्ताव की समीक्षा करके लिखित रूप में स्वीकृति अथवा अस्वीकृति प्रदान करेगी।

  5. समिति की लिखित स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही ₹10,000 से अधिक की राशि बैंक से निकाली अथवा भुगतान की जा सकेगी, बशर्ते संबंधित बैंक की प्रक्रिया एवं लागू नियम इसकी अनुमति देते हों।

  6. समिति द्वारा स्वीकृति दिए जाने से समूह के बैंक खाते के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होगी। बैंक की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा।

  7. निकाली गई राशि का उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए किया जाएगा। बिल, रसीद, भुगतान प्रमाण तथा अन्य संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखे जाएंगे।

  8. एक ही कार्य, खरीद या उद्देश्य के भुगतान को छोटे-छोटे भागों में विभाजित करके इस नियम से बचने का प्रयास नहीं किया जाएगा।

  9. समिति द्वारा स्वीकृति अथवा अस्वीकृति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। अस्वीकृति की स्थिति में कारण लिखित रूप में दिया जा सकेगा।

  10. बिना आवश्यक स्वीकृति के राशि निकासी अथवा अनधिकृत उपयोग को वित्तीय नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामले की समीक्षा समूह की बैठक में की जाएगी और लागू नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकेगी।

  11. आपातकालीन परिस्थितियों में भी आवश्यक स्वीकृति के प्रावधान को दरकिनार नहीं किया जाएगा, जब तक नियमावली में विधिवत संशोधन न किया जाए अथवा लागू कानून या बैंकिंग व्यवस्था के अनुसार अन्य व्यवस्था मान्य न हो।

  12. यह प्रावधान समूह के सदस्यों द्वारा स्वेच्छा से स्वीकार किए जाने, समिति की लिखित सहमति तथा संबंधित बैंक की लागू प्रक्रिया के अनुरूप प्रभावी होगा।

नियम 29. समिति की वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया

  1. समूह ₹10,000 से अधिक की राशि की निकासी हेतु लिखित आवेदन प्रस्तुत करेगा।

  2. आवेदन के साथ समूह की बैठक का प्रस्ताव, खर्च का विवरण एवं आवश्यक दस्तावेज संलग्न किए जाएंगे।

  3. शुभ मुस्कान शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति का अधिकृत प्रतिनिधि आवेदन की समीक्षा करेगा।

  4. स्वीकृति समिति के अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा लिखित रूप में दी जाएगी।

  5. स्वीकृति पत्र में राशि, उद्देश्य, दिनांक एवं स्वीकृति देने वाले प्रतिनिधि का नाम तथा पद दर्ज होगा।

  6. स्वीकृति पत्र की एक प्रति समूह के रिकॉर्ड में और एक प्रति समिति के रिकॉर्ड में सुरक्षित रखी जाएगी।

  7. स्वीकृति प्राप्त होने के बाद समूह के अधिकृत पदाधिकारी बैंक से राशि निकालने अथवा भुगतान करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

  8. समिति की स्वीकृति समूह की राशि पर समिति का स्वामित्व स्थापित नहीं करेगी। समूह की राशि का उपयोग समूह के स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही होगा।


भाग–7 : आंतरिक ऋण संबंधी नियम

नियम 30. ऋण देने का उद्देश्य

समूह के उपलब्ध कोष से सदस्यों को निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए ऋण दिया जा सकेगा:

  1. स्वरोजगार एवं व्यवसाय।

  2. कृषि एवं पशुपालन।

  3. शिक्षा एवं कौशल विकास।

  4. स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताएँ।

  5. परिवार की आवश्यक एवं आकस्मिक जरूरतें।

  6. अन्य वैध एवं समूह द्वारा स्वीकृत आवश्यकताएँ।

नियम 31. ऋण आवेदन एवं स्वीकृति

  1. ऋण चाहने वाली सदस्य आवेदन प्रस्तुत करेगी।

  2. आवेदन में ऋण राशि, उद्देश्य एवं पुनर्भुगतान की संभावित अवधि का उल्लेख होगा।

  3. समूह उपलब्ध कोष एवं सदस्य की आवश्यकता पर विचार करेगा।

  4. ऋण की स्वीकृति बैठक में ली जाएगी।

  5. स्वीकृत ऋण की राशि, ब्याज दर एवं भुगतान अवधि ऋण रजिस्टर में दर्ज की जाएगी।

नियम 32. ब्याज दर

समूह द्वारा आंतरिक ऋण पर ब्याज दर बैठक में पारदर्शी तरीके से निर्धारित की जाएगी।

ब्याज दर, गणना की पद्धति, पुनर्भुगतान अवधि एवं अन्य शर्तें ऋण देने से पहले सदस्य को स्पष्ट रूप से बताई जाएंगी। कोई भी छिपा हुआ अथवा अनधिकृत शुल्क नहीं लिया जाएगा।

नियम 33. ऋण पुनर्भुगतान

  1. सदस्य निर्धारित समय पर किस्त जमा करेगी।

  2. प्रत्येक भुगतान का रिकॉर्ड ऋण रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा।

  3. किस्त में विलंब होने पर सदस्य से कारण जानकर समाधान का प्रयास किया जाएगा।

  4. आवश्यकतानुसार बैठक में पुनर्भुगतान की उचित व्यवस्था पर विचार किया जा सकेगा।

  5. गैरकानूनी वसूली, धमकी अथवा अपमानजनक व्यवहार नहीं किया जाएगा।


भाग–8 : स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियाँ

नियम 34. व्यवसाय एवं रोजगार गतिविधियाँ

समूह अपनी क्षमता एवं स्थानीय बाजार के अनुसार निम्नलिखित गतिविधियाँ संचालित कर सकता है:

  1. सिलाई एवं वस्त्र निर्माण।

  2. खाद्य प्रसंस्करण, अचार, पापड़ एवं मसाला निर्माण।

  3. सैनिटरी पैड निर्माण एवं वितरण।

  4. अगरबत्ती, मोमबत्ती, साबुन एवं अन्य घरेलू उद्योग।

  5. डेयरी, बकरीपालन एवं मुर्गीपालन।

  6. जैविक खेती, सब्जी उत्पादन एवं कृषि आधारित गतिविधियाँ।

  7. हस्तशिल्प एवं स्थानीय उत्पादों का विपणन।

  8. डिजिटल सेवाएँ एवं अन्य उपयुक्त स्वरोजगार।

  9. प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम।

नियम 35. व्यवसाय का संचालन

  1. व्यवसाय शुरू करने से पहले लागत, बाजार, संभावित आय एवं जोखिम पर विचार किया जाएगा।

  2. व्यवसाय हेतु आवश्यक खर्च का प्रस्ताव बैठक में स्वीकृत किया जाएगा।

  3. खरीद, बिक्री, आय एवं व्यय का रिकॉर्ड रखा जाएगा।

  4. व्यवसाय से प्राप्त लाभ एवं हानि समूह के स्वीकृत निर्णयों तथा लागू नियमों के अनुसार दर्ज किए जाएंगे।

  5. किसी भी व्यवसाय में निश्चित लाभ अथवा निश्चित आय की गारंटी नहीं मानी जाएगी।


भाग–9 : शुभ मुस्कान शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति की देखरेख एवं मार्गदर्शन

नियम 36. मार्गदर्शक संस्था का परिचय

शुभ मुस्कान शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति, लामता, जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश, पंजीयन क्रमांक 04/21/01/20734/19, दिनांक 28/06/2019, समूह को मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं समन्वय संबंधी सहयोग प्रदान कर सकती है।

नियम 37. समिति की भूमिका

समूह के संचालन एवं विकास में समिति निम्नलिखित कार्यों में सहयोग कर सकती है:

  1. समूह गठन एवं नियमावली संबंधी मार्गदर्शन।

  2. बैठक एवं अभिलेखों के रखरखाव में सहायता।

  3. वित्तीय साक्षरता एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी।

  4. स्वरोजगार एवं व्यवसाय प्रशिक्षण संबंधी जानकारी।

  5. सरकारी योजनाओं एवं उपलब्ध सहायता के बारे में मार्गदर्शन।

  6. प्रशिक्षण संस्थानों, बैंकों एवं संबंधित विभागों से समन्वय।

  7. समूह की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने हेतु सुझाव।

  8. महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों में सहयोग।

  9. समूह के अनुरोध पर समस्याओं के समाधान हेतु परामर्श।

  10. समूह की प्रगति की समीक्षा, जहाँ समूह एवं समिति के बीच ऐसी व्यवस्था स्वीकार की गई हो।

नियम 38. समिति की देखरेख एवं स्वीकृति संबंधी अधिकार

  1. समूह इस नियमावली को स्वीकार करके शुभ मुस्कान शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति को निर्धारित वित्तीय सीमा से अधिक की निकासी पर स्वीकृति देने की भूमिका प्रदान करता है।

  2. ₹10,000 से अधिक की निकासी के लिए नियम 28 एवं नियम 29 का पालन किया जाएगा।

  3. समिति की भूमिका इस नियमावली एवं लिखित सहमति में निर्धारित सीमा तक होगी।

  4. समिति को समूह की राशि, बैंक खाते या संपत्ति पर स्वतः स्वामित्व प्राप्त नहीं होगा।

  5. समिति समूह की ओर से कोई ऋण, अनुबंध या वित्तीय दायित्व स्वीकार नहीं करेगी, जब तक इसके लिए अलग से वैध लिखित प्राधिकरण न हो।

  6. समिति का नाम, लोगो अथवा पंजीयन विवरण उसकी सहमति से उपयोग किया जाएगा।

  7. समूह की अन्य गतिविधियों में समिति का मार्गदर्शन स्वीकृत सहयोग व्यवस्था के अनुसार होगा।

  8. बैंक खाता संचालन में समिति की स्वीकृति संबंधी शर्त तभी लागू होगी, जब यह संबंधित बैंक की प्रक्रिया एवं लागू नियमों के अनुरूप हो।

नियम 39. समिति से सहयोग की प्रक्रिया

समूह की बैठक में समिति से सहयोग लेने का प्रस्ताव पारित किया जा सकेगा। प्रस्ताव में सहयोग का उद्देश्य, अवधि एवं अपेक्षित कार्यों का उल्लेख किया जाएगा।

जहाँ आवश्यक हो, समूह एवं समिति के बीच अलग लिखित सहमति-पत्र बनाया जाएगा। सहयोग की शर्तों में परिवर्तन दोनों पक्षों की लिखित सहमति से किया जा सकेगा।


भाग–10 : अभिलेख एवं दस्तावेजों का रखरखाव

नियम 40. आवश्यक रजिस्टर

समूह द्वारा निम्नलिखित रजिस्टर एवं दस्तावेज रखे जाएंगे:

  1. सदस्यता रजिस्टर।

  2. बैठक उपस्थिति रजिस्टर।

  3. बैठक कार्यवाही रजिस्टर।

  4. बचत रजिस्टर।

  5. ऋण वितरण एवं पुनर्भुगतान रजिस्टर।

  6. नकद बही।

  7. आय-व्यय रजिस्टर।

  8. बैंक पासबुक एवं बैंक लेन-देन विवरण।

  9. रसीद बुक एवं भुगतान वाउचर।

  10. संपत्ति एवं सामग्री रजिस्टर, यदि लागू हो।

  11. प्रशिक्षण एवं गतिविधि रजिस्टर।

  12. समिति की स्वीकृति संबंधी आवेदन एवं पत्र।

  13. सरकारी योजनाओं, अनुदान एवं बैंक ऋण संबंधी दस्तावेज, यदि लागू हों।

नियम 41. दस्तावेजों की सुरक्षा

  1. सभी अभिलेख सुरक्षित रखे जाएंगे।

  2. अधिकृत पदाधिकारी दस्तावेजों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार होंगे।

  3. पदाधिकारी बदलने पर दस्तावेजों का लिखित हस्तांतरण किया जाएगा।

  4. किसी भी दस्तावेज को बिना उचित कारण नष्ट नहीं किया जाएगा।

  5. समूह के सदस्यों को नियमानुसार अभिलेखों का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।


भाग–11 : अनुशासन एवं विवाद समाधान

नियम 42. अनुशासन

प्रत्येक सदस्य समूह के हित में ईमानदारी, पारदर्शिता एवं अनुशासन बनाए रखेगी।

समूह की राशि का दुरुपयोग, गलत जानकारी देना, अभिलेखों में हेरफेर करना अथवा बिना अनुमति समूह के नाम पर वित्तीय लेन-देन करना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।

नियम 43. विवाद समाधान

  1. विवाद को पहले आपसी बातचीत से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।

  2. समाधान न होने पर विषय समूह की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।

  3. आवश्यकता होने पर निष्पक्ष मध्यस्थ की सहायता ली जा सकेगी।

  4. समूह की सहमति से शुभ मुस्कान शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति से मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है।

  5. समिति की भूमिका परामर्शात्मक होगी, सिवाय उन विषयों के जहाँ इस नियमावली या अलग लिखित सहमति में स्पष्ट भूमिका निर्धारित हो।

  6. गंभीर विवाद की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी अथवा विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है।

नियम 44. वित्तीय अनियमितता पर कार्रवाई

वित्तीय अनियमितता की शिकायत मिलने पर समूह की बैठक में संबंधित अभिलेखों की समीक्षा की जाएगी।

संबंधित सदस्य या पदाधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। अनियमितता प्रमाणित होने पर समूह लागू नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई कर सकता है। आवश्यकता होने पर बैंक अथवा संबंधित प्राधिकारी को सूचना दी जा सकेगी।


भाग–12 : नियमावली में संशोधन

नियम 45. संशोधन की प्रक्रिया

  1. नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।

  2. सभी सदस्यों को प्रस्ताव पर अपनी राय रखने का अवसर दिया जाएगा।

  3. सामान्यतः कुल सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों की सहमति से संशोधन पारित किया जा सकेगा।

  4. संशोधन की कार्यवाही बैठक रजिस्टर में दर्ज की जाएगी।

  5. बैंक, सरकारी योजना अथवा लागू कानून से संबंधित प्रावधानों के लिए आवश्यक अनुमति या सूचना ली जाएगी।

  6. ₹10,000 से अधिक की निकासी संबंधी नियम में संशोधन होने पर समिति की लिखित सहमति भी प्राप्त की जाएगी, जहाँ लागू हो।


भाग–13 : समूह का पुनर्गठन एवं विघटन

नियम 46. पुनर्गठन

समूह की सदस्य संख्या, कार्यक्षमता अथवा अन्य परिस्थितियों के कारण आवश्यकता होने पर सदस्यों की सहमति से समूह का पुनर्गठन किया जा सकेगा।

पुनर्गठन के समय बैंक खाते, बचत, ऋण, संपत्ति एवं दस्तावेजों के संबंध में लागू नियमों का पालन किया जाएगा।

नियम 47. समूह का विघटन

  1. समूह का संचालन जारी रखना संभव न होने पर विघटन का प्रस्ताव बैठक में प्रस्तुत किया जा सकेगा।

  2. विघटन का निर्णय लागू नियमों एवं समूह की स्वीकृत प्रक्रिया के अनुसार लिया जाएगा।

  3. सभी बकाया ऋण एवं वैध देनदारियों का निपटारा किया जाएगा।

  4. सदस्यों की बचत, शेष राशि एवं संपत्ति का निपटारा वास्तविक अभिलेखों तथा लागू नियमों के अनुसार किया जाएगा।

  5. सरकारी अनुदान अथवा बैंक ऋण से संबंधित शर्तों का पालन किया जाएगा।

  6. आवश्यक होने पर बैंक, समिति एवं संबंधित विभाग को सूचना दी जाएगी।


भाग–14 : अन्य प्रावधान

नियम 48. सरकारी योजनाएँ एवं बैंक ऋण

समूह सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, अनुदान, प्रशिक्षण एवं अन्य सहायता के लिए आवेदन कर सकता है। सहायता की स्वीकृति संबंधित विभाग, बैंक एवं योजना की पात्रता शर्तों पर निर्भर करेगी।

नियम 49. समानता एवं भेदभाव निषेध

समूह में सभी सदस्यों के साथ सम्मानपूर्ण व्यवहार किया जाएगा। किसी सदस्य के साथ अनुचित भेदभाव नहीं किया जाएगा।

नियम 50. गोपनीयता

सदस्यों की निजी जानकारी, बैंक विवरण एवं व्यक्तिगत परिस्थितियों का उपयोग केवल वैध एवं स्वीकृत उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। कानून अथवा योजना के अंतर्गत आवश्यक होने पर संबंधित जानकारी अधिकृत प्राधिकारी को उपलब्ध कराई जा सकेगी।

नियम 51. नियमावली की स्वीकृति

यह नियमावली समूह की प्रारंभिक बैठक में पढ़कर सुनाई गई तथा सदस्यों को समझाई गई है। उपस्थित सदस्यों ने इसे पढ़कर अथवा समझकर स्वेच्छा से स्वीकार किया है।

यह नियमावली दिनांक //________ से प्रभावी होगी, बशर्ते आवश्यक हस्ताक्षर, सहमति एवं अन्य औपचारिकताएँ पूरी की गई हों।


समूह गठन एवं स्वीकृति प्रमाण-पत्र

हम, अधोहस्ताक्षरी सदस्याएँ, यह घोषणा करती हैं कि हमने अपनी स्वेच्छा से महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया है तथा समूह के गठन, संचालन एवं प्रबंधन हेतु उपर्युक्त बायलॉज / नियमावली को स्वीकार किया है।

समूह का नाम: __________________________________ महिला स्वयं सहायता समूह

ग्राम: __________________________________

ग्राम पंचायत: __________________________________

तहसील: लामता

जिला: बालाघाट, मध्य प्रदेश

गठन दिनांक: //________

प्रारंभिक बैठक का स्थान: __________________________________

संस्थापक सदस्यों के हस्ताक्षर

क्र.सदस्य का नामपदहस्ताक्षर / अंगूठे का निशान
1__________________अध्यक्ष__________________
2__________________सचिव__________________
3__________________कोषाध्यक्ष__________________
4__________________सदस्य__________________
5__________________सदस्य__________________
6__________________सदस्य__________________
7__________________सदस्य__________________
8__________________सदस्य__________________
9__________________सदस्य__________________
10__________________सदस्य__________________
11__________________सदस्य__________________
12__________________सदस्य__________________

आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सदस्यों की सूची संलग्न की जा सकती है।


शुभ मुस्कान शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति की सहमति

हम, शुभ मुस्कान शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति, लामता, जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश, पंजीयन क्रमांक 04/21/01/20734/19, दिनांक 28/06/2019, इस नियमावली में निर्धारित सीमा एवं शर्तों के अनुसार समूह को मार्गदर्शन तथा सहयोग प्रदान करने के लिए सहमति देते हैं।

विशेष रूप से ₹10,000 से अधिक की राशि की निकासी संबंधी स्वीकृति की प्रक्रिया नियम 28 एवं नियम 29 के अनुसार लागू होगी, बशर्ते संबंधित बैंक एवं लागू नियमों के अंतर्गत इसकी अनुमति हो।

समिति की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि का नाम: __________________________

पद: __________________________

हस्ताक्षर: __________________________

दिनांक: //________

संस्था की मुहर: __________________________


परिशिष्ट–1 : प्रारंभिक वित्तीय व्यवस्था

विवरणसमूह द्वारा निर्धारित व्यवस्था
कुल सदस्य संख्या__________
प्रवेश शुल्क, यदि हो₹__________
प्रति सदस्य मासिक बचत₹__________
बैठक की अवधि__________
आंतरिक ऋण की ब्याज दर__________
ऋण पुनर्भुगतान अवधि__________
बैंक का नाम__________
बैंक शाखा__________
बैंक खाता संचालन व्यवस्थाबैंक के स्वीकृत नियमों के अनुसार
₹10,000 से अधिक की निकासी पर समिति की स्वीकृतिअनिवार्य, इस नियमावली एवं बैंक की लागू प्रक्रिया के अधीन
समिति से अन्य मार्गदर्शनआवश्यकता एवं सहमति के अनुसार

परिशिष्ट–2 : प्रथम बैठक का प्रस्ताव

आज दिनांक //________ को ग्राम ____________________, तहसील लामता, जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश में महिला सदस्यों की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में निम्नलिखित प्रस्ताव पारित किए गए:

  1. “________________________________ महिला स्वयं सहायता समूह” का गठन किया जाता है।

  2. समूह की बायलॉज / नियमावली को स्वीकार किया जाता है।

  3. समूह के अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष का चयन किया जाता है।

  4. समूह की नियमित बचत एवं बैठक संबंधी व्यवस्था निर्धारित की जाती है।

  5. समूह के नाम से बैंक खाता खोलने हेतु आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

  6. ₹10,000 से अधिक की राशि की निकासी के लिए शुभ मुस्कान शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति की पूर्व लिखित स्वीकृति संबंधी प्रावधान को स्वीकार किया जाता है, बैंक की लागू प्रक्रिया के अधीन।

  7. समूह की अन्य गतिविधियों के लिए समिति से मार्गदर्शन एवं सहयोग आवश्यकता के अनुसार लिया जा सकता है।

  8. समूह के सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक निर्णय इस नियमावली तथा लागू नियमों के अनुसार लिए जाएंगे।

प्रस्ताव का परिणाम: स्वीकृत / अस्वीकृत

अध्यक्ष के हस्ताक्षर: __________________________

सचिव के हस्ताक्षर: __________________________

कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर: __________________________

उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर: संलग्न सूची के अनुसार।


अंतिम घोषणा

हम सभी सदस्याएँ यह घोषणा करती हैं कि हम समूह की नियमावली का पालन ईमानदारी, पारदर्शिता, सहयोग एवं सामूहिक जिम्मेदारी के साथ करेंगी।

हम समूह की बचत, ऋण, बैंक खाते, संपत्ति एवं अन्य संसाधनों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम समूह को महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार, सामाजिक जागरूकता एवं सामुदायिक विकास का माध्यम बनाने का प्रयास करेंगी।

स्थान: लामता, जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश

दिनांक: //________

समूह का नाम: __________________________________ महिला स्वयं सहायता समूह

समूह की मुहर, यदि हो: __________________________



अंतिम रूप देने से पहले तीन जरूरी बातें

  1. ₹10,000 से अधिक की निकासी का नियम: समूह की बैठक में इसे स्पष्ट रूप से पारित करें। समिति की लिखित सहमति लें और बैंक से पुष्टि करें कि इस अतिरिक्त स्वीकृति प्रक्रिया को खाते के संचालन के साथ कैसे लागू किया जा सकता है।

  2. समिति की भूमिका: इस दस्तावेज में समिति को मार्गदर्शन संस्था तथा निर्धारित वित्तीय सीमा से अधिक निकासी के लिए स्वीकृति देने वाली संस्था के रूप में रखा गया है। समिति की स्वीकृति से बैंक के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती।

  3. सरकारी योजना में जमा करने के लिए: यदि समूह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, बैंक या जनपद पंचायत में पंजीकृत अथवा संबद्ध कराना है, तो संबंधित कार्यालय से लागू प्रारूप एवं शर्तों की पुष्टि करा लें।

इस दस्तावेज में समूह का नाम, ग्राम, गठन दिनांक, सदस्य सूची, बचत राशि एवं बैंक विवरण भरने के बाद इसे बैठक में पढ़कर, स्वीकृत करके और सभी आवश्यक हस्ताक्षर लेकर उपयोग किया जा सकता है।



महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) को बैंक से ऋण (Loan) लेने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज अपने समूह के पास व्यवस्थित रूप से रखने चाहिए। यदि आपका SHG शुभ मुस्कान शिक्षा एवं समाज कल्याण समिति, लामता, जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में बनाया गया है, तो नीचे दी गई चेकलिस्ट उपयोगी रहेगी।

1. SHG के पास आवश्यक दस्तावेजों की सूची

क्र.

दस्तावेज

आवश्यक जानकारी

1

समूह गठन प्रस्ताव / गठन प्रमाण-पत्र

समूह का नाम, गठन की तारीख, ग्राम और विकासखंड

2

समूह की नियमावली (Bylaws)

सदस्यता, बचत, ऋण, बैठक और बैंक संचालन के नियम

3

सदस्य सूची

सभी सदस्यों के नाम, पता, मोबाइल नंबर और हस्ताक्षर/अंगूठा निशान

4

सदस्यों के KYC दस्तावेज

आधार कार्ड, PAN कार्ड यदि उपलब्ध/आवश्यक हो, फोटो एवं पते का प्रमाण

5

समूह की बैठक रजिस्टर

बैठक की तारीख, उपस्थिति, निर्णय और प्रस्ताव

6

बचत रजिस्टर

प्रत्येक सदस्य की नियमित बचत का विवरण

7

ऋण रजिस्टर

समूह द्वारा सदस्यों को दिए गए ऋण और किस्तों का विवरण

8

कैशबुक / लेन-देन रजिस्टर

आय, व्यय, जमा और निकासी का हिसाब

9

बैंक पासबुक / बैंक स्टेटमेंट

समूह के खाते का लेन-देन और शेष राशि

10

बैंक खाता खोलने का प्रस्ताव

अधिकृत पदाधिकारियों और हस्ताक्षरकर्ताओं का विवरण

11

पदाधिकारियों के पहचान दस्तावेज

अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के KYC दस्तावेज

12

ऋण लेने का समूह प्रस्ताव

कितनी राशि चाहिए, किस उद्देश्य से चाहिए और भुगतान कैसे होगा

13

समूह की वित्तीय स्थिति का विवरण

कुल बचत, आंतरिक ऋण, बकाया ऋण और बैंक बैलेंस

14

व्यवसाय / आजीविका योजना

ऋण से कौन-सा काम होगा, अनुमानित खर्च और आय

15

समूह का फोटो और संपर्क विवरण

बैंक की मांग के अनुसार समूह की फोटो, पता और संपर्क नंबर

2. बैंक ऋण आवेदन के समय विशेष रूप से तैयार रखें

बैंक ऑफ बड़ौदा की SHG ऋण संबंधी जानकारी के अनुसार, ऋण आवेदन, पदाधिकारियों के KYC दस्तावेज, समूह का ऋण प्रस्ताव, और सदस्यों की ऋण आवश्यकता का विवरण (Micro Credit Plan) प्रमुख दस्तावेजों में शामिल हैं।

Bank of Baroda

  • बैंक ऋण आवेदन फॉर्म

  • समूह का ऋण लेने संबंधी प्रस्ताव (Resolution)

  • Inter-se Agreement — समूह के सदस्यों के बीच समझौता

  • बैंक के साथ Agreement / Articles of Agreement

  • Micro Credit Plan (MCP) — किस सदस्य को कितनी राशि चाहिए और किस काम के लिए

  • प्रायोजक संस्था का पत्र, यदि बैंक या योजना के अंतर्गत आवश्यक हो

  • पिछले ऋण की जानकारी एवं भुगतान रिकॉर्ड, यदि पहले ऋण लिया गया हो

इनमें से कुछ दस्तावेज बैंक के निर्धारित प्रारूप में भरने होते हैं।

Bank Linkage
+1

3. ऋण के लिए समूह की पात्रता

DAY-NRLM के अंतर्गत बैंक ऋण के लिए सामान्यतः समूह को निम्न बातों का पालन करना चाहिए:

  1. समूह कम-से-कम 6 महीने से सक्रिय हो, जिसका प्रमाण समूह के रजिस्टरों में हो।

  2. नियमित बैठकें होती हों।

  3. सदस्य नियमित बचत करते हों।

  4. समूह के भीतर सदस्यों को ऋण देने और वसूली का रिकॉर्ड हो।

  5. ऋण की किस्तों का भुगतान समय पर किया जाता हो।

  6. सभी लेखा-जोखा रजिस्टर अद्यतन हों।

    Reserve Bank of India
    +1

4. क्या SHG को अपना PAN कार्ड बनवाना जरूरी है?

समूह के नाम पर PAN की आवश्यकता के बारे में बैंक से पुष्टि करें। RBI के निर्देशों के अनुसार, SHG का खाता खोलते समय बैंक PAN के स्थान पर परिस्थितियों के अनुसार Form 60 स्वीकार कर सकता है। ऋण के समय बैंक समूह के सदस्यों का KYC सत्यापन कर सकता है।

Reserve Bank of India
+1

5. शुभ मुस्कान समिति के मार्गदर्शन में SHG के लिए अतिरिक्त फाइल

यदि समूह आपकी संस्था के मार्गदर्शन में काम कर रहा है, तो रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के लिए ये दस्तावेज भी रख सकते हैं:

  • समिति के मार्गदर्शन/संबद्धता का पत्र, यदि वास्तव में जारी किया गया हो।

  • समूह की नियमावली और गठन प्रस्ताव।

  • प्रशिक्षण, रोजगार या आजीविका गतिविधियों का रिकॉर्ड।

  • व्यवसाय की योजना, लागत का अनुमान और संभावित आय का विवरण।

  • समिति की सहायता से तैयार किए गए दस्तावेजों की प्रतियां।

ध्यान दें: समिति का मार्गदर्शन पत्र हर बैंक ऋण के लिए अनिवार्य नहीं है। अंतिम दस्तावेज सूची संबंधित बैंक शाखा और लागू योजना से प्राप्त करें।

मेरी सलाह

सबसे पहले SHG की एक “बैंक ऋण दस्तावेज फाइल” बनाएं। इसमें समूह गठन, सदस्य KYC, बैठक रजिस्टर, बचत रजिस्टर, ऋण रजिस्टर, बैंक पासबुक, ऋण प्रस्ताव और व्यवसाय योजना रखें। फिर अपनी बैंक शाखा के प्रबंधक से दस्तावेजों की सूची की पुष्टि करवा लें।





No comments:

Site Links

Popular Posts

Unordered List

  • Lorem ipsum dolor sit amet, consectetuer adipiscing elit.
  • Aliquam tincidunt mauris eu risus.
  • Vestibulum auctor dapibus neque.

Pages

Theme Support

Need our help to upload or customize this blogger template? Contact me with details about the theme customization you need.